संरक्षित खेती एवं द्वितीयक कृषि (Protected Cultivation and Secondary Agriculture) – AENGG-321 Notes | B.Sc. Ag. Hindi & English

B.Sc. Agriculture ke Protected Cultivation and Secondary Agriculture (AENGG-321) ke notes: greenhouse, low tunnel, shade net, grain properties, cleani

संरक्षित खेती एवं द्वितीयक कृषि (Protected Cultivation and Secondary Agriculture, AENGG-321) B.Sc. (Hons.) Agriculture का 2 क्रेडिट (1+1) का कोर्स है, जिसमें 13 थ्योरी टॉपिक और कुल 16 लेक्चर हैं। इसके दो हिस्से हैं: पहला, खेत के भीतर की तकनीक, यानी ग्रीनहाउस, शेडनेट और लो-टनल; दूसरा, कटाई के बाद की तकनीक, यानी अनाज की भौतिक विशेषताएँ, सफाई, सुखाई और ढुलाई-उठाई (द्वितीयक कृषि)। इस लेख को हमने दो डिज़ाइन ब्रीफ़ की तरह बाँटा है: ब्रीफ़ A में 1000 m² का पॉलीहाउस बनाना है और ब्रीफ़ B में 10 टन/दिन की अनाज प्रसंस्करण इकाई। हर चरण में सिलेबस के टॉपिक नंबर दिए हैं। सभी आँकड़े अभ्यास के लिए काल्पनिक हैं।

ब्रीफ़ A: राजस्थान में 1000 m² का पॉलीहाउस (टॉपिक 1 से 8)

ब्रीफ़: जयपुर के पास एक किसान 1000 m² (25 मी × 40 मी) का पॉलीहाउस बनाकर टमाटर और खीरा उगाना चाहता है। गर्मी में तापमान 42°C तक और सर्दी की रात में 3 से 4°C तक जाता है, हवा शुष्क है और भूजल थोड़ा खारा है। आपको डिज़ाइन, सामग्री, ठंडक-गरमी और सिंचाई तय करनी है।

चरण 1: ग्रीनहाउस क्या है और किस प्रकार के होते हैं? (टॉपिक 1)

ग्रीनहाउस (हरित गृह) पारदर्शी या अर्ध-पारदर्शी आवरण (काँच, पॉलीथीन फिल्म, पॉलीकार्बोनेट या FRP) से ढकी संरचना है, जिसमें प्रकाश के साथ तापमान, आर्द्रता, CO2 और सिंचाई जैसे पर्यावरणीय कारकों को पौधे के अनुकूल नियंत्रित किया जाता है।

आधारप्रकार
आकार (Shape)सम-ढलान (Even-span), असम-ढलान (Uneven-span), एकतरफा ढलान (Lean-to), क्वोन्सेट या मेहराबदार (Arch), गॉथिक मेहराब, रिज-एंड-फरो (जुड़े हुए), आरादंती (Saw-tooth)
आवरण सामग्रीकाँच, प्लास्टिक फिल्म, कठोर पैनल (पॉलीकार्बोनेट, FRP)
ढाँचालकड़ी या बाँस, पाइप-फ्रेम (GI) और ट्रस-फ्रेम
उपयोगशीतलन के लिए (गर्म क्षेत्र), तापन के लिए (ठंडे क्षेत्र)
तकनीकी स्तर (भारत में सामान्य)प्राकृतिक हवादार पॉलीहाउस (NVPH), फैन-एंड-पैड, लो-टनल, शेडनेट-हाउस, कीट-रोधी नेट हाउस और हाई-टेक ग्रीनहाउस

ग्रीनहाउस के अंदर जलवायु नियंत्रण

कारकनियंत्रण के उपाय
तापमान (ठंडक)प्राकृतिक वेंटिलेशन (छत और बगल के वेंट), एग्ज़ॉस्ट फैन, वाष्पीकरण शीतलन (फैन-पैड, फॉगिंग या मिस्टिंग), छाया (शेड नेट, चूने का घोल)
तापमान (गरमी)यूनिट हीटर, गरम पानी की पाइपें, ऊष्मारोधी पर्दे (Thermal screen) और दोहरी परत वाला आवरण
आर्द्रताफॉगिंग (बढ़ाने के लिए), वेंटिलेशन और डीह्यूमिडिफिकेशन (घटाने के लिए)
प्रकाशछाया या ब्लैकआउट पर्दे, पूरक रोशनी (LED या सोडियम लैंप)
CO2हवा में सामान्यतः लगभग 420 ppm; बंद ग्रीनहाउस में फसल बढ़ने पर घटती है, इसलिए बहुत उन्नत ग्रीनहाउस में लगभग 800 से 1000 ppm तक संवर्धन
उदाहरण 1 (फैन-पैड से ठंडक): पैड की दक्षता η = (Tबाहर − Tअंदर) ÷ (Tबाहर − Tआर्द्र बल्ब)
बाहर 42°C, आर्द्र बल्ब तापमान 24°C और पैड की दक्षता 80% हो, तो
Tअंदर = 42 − 0.8 × (42 − 24) = 42 − 14.4 = 27.6°C
राजस्थान की शुष्क हवा में आर्द्र बल्ब और बाहर के तापमान का अंतर अधिक होने से वाष्पीकरण शीतलन बहुत प्रभावी रहता है।

चरण 2: योजना और डिज़ाइन (टॉपिक 2)

स्थल चयन की जाँच-सूची:
☐ खुली जगह, आसपास पेड़ों या इमारतों की छाया नहीं
☐ समतल और अच्छे जल निकास वाली भूमि; मृदा हल्की दोमट, pH लगभग 6 से 7
☐ सिंचाई जल की गुणवत्ता (EC, pH) और उपलब्धता; खारा हो तो उपचार की योजना
☐ बिजली और सड़क की सुविधा, बाजार से दूरी कम
☐ तेज़ हवा की दिशा में वायु अवरोध (पेड़ की पंक्ति), पर छाया न पड़े
☐ एक ही ग्रीनहाउस की लंबाई प्रायः उत्तर-दक्षिण दिशा में, ताकि दिन भर रोशनी एकसमान रहे और छाया कम पड़े

डिज़ाइन के प्रमुख बिंदु

  • भार: मृत भार (ढाँचा और आवरण), जीवित भार (फसल की बेलें, रखरखाव) और पवन भार (क्षेत्र की अधिकतम हवा की गति पर)। राजस्थान की आँधियों में पवन भार मुख्य है।
  • छत का ढलान: पॉलीथीन के लिए सामान्यतः लगभग 25 से 30° (वर्षा जल बहे और वेंटिलेशन बने)।
  • ऊँचाई और खाड़ी (Bay): किनारे की ऊँचाई लगभग 2.5 से 4 मी; खंभों की दूरी (बे) सामान्यतः लगभग 4 मी। ऊँचाई अधिक होने पर गरम हवा ऊपर जमा होती है और पौधों का क्षेत्र ठंडा रहता है।
  • वेंटिलेशन क्षेत्र: छत और बगल के वेंट का कुल क्षेत्र फर्श क्षेत्रफल का लगभग 15 से 25%।
  • नींव: GI पाइप को कंक्रीट में गाड़कर।
उदाहरण 2: 1000 m² फर्श क्षेत्र पर 20% वेंट क्षेत्र = 0.20 × 1000 = 200 m² खुला वेंट क्षेत्र।

चरण 3: ठंडक और गरमी के लिए डिज़ाइन मानदंड और उपकरण (टॉपिक 3)

गर्मी के लिए: वेंटिलेशन दर बढ़ाना, फैन-पैड और फॉगिंग और छाया। सर्दी के लिए: ऊष्मा हानि की गणना कर हीटर तय करना।

उदाहरण 3 (ऊष्मा हानि): Q = U × A × (Tअंदर − Tबाहर)
इकहरी पॉलीथीन के लिए U ≈ 7 W/m²·K (दोहरी परत में लगभग 4)। आवरण का कुल क्षेत्रफल A = 300 m², अंदर का न्यूनतम तापमान 15°C और बाहर 3°C हो, तो
Q = 7 × 300 × (15 − 3) = 25,200 W = 25.2 kW
हवा के रिसाव आदि के लिए लगभग 15% अधिक जोड़ने पर लगभग 29 kW का हीटर। दोहरी परत लगाने पर यह लगभग आधा रह जाता है।

ग्रीनहाउस के उपकरण

एग्ज़ॉस्ट फैन और कूलिंग पैड, फॉगर और मिस्टर, यूनिट हीटर, थर्मोस्टेट और ह्यूमिडिस्टेट, शेड नेट और थर्मल स्क्रीन, फर्टिगेशन यूनिट और सिंचाई नियंत्रक, तापमान, आर्द्रता, प्रकाश और CO2 सेंसर, पौध ट्रे और बेंच, EC-pH मीटर और CO2 जनरेटर।

चरण 4: निर्माण सामग्री, पारंपरिक और कम लागत (टॉपिक 4)

अंगसामग्रीटिप्पणी
ढाँचाबाँस, लकड़ी (कम लागत); GI पाइप, MS एंगल या ट्रस (टिकाऊ)बाँस और लकड़ी की आयु कम, पर शुरुआती लागत कम
आवरणUV-स्थिरीकृत LDPE फिल्म (लगभग 200 माइक्रॉन), पॉलीकार्बोनेट शीट, FRP, काँचफिल्म सस्ती और हल्की (3 से 4 वर्ष); काँच महँगा पर टिकाऊ, ऊँचा प्रकाश संचरण
नेटHDPE शेड नेट (35%, 50%, 75% छाया) और कीट-रोधी नेट (40 से 50 मेश)सब्जी और नर्सरी के लिए
नींव और जकड़नकंक्रीट फुटिंग, तार, क्लिप और चैनलहवा से आवरण को फटने से बचाना

आवरण के गुण: प्रकाश संचरण (साफ फिल्म में लगभग 85 से 90%), अवरक्त (गर्मी) रोकने की क्षमता, धूल और बूँद-रोधी (Anti-drip), UV प्रतिरोध और आयु। लागत और सब्सिडी के मानक राज्य बागवानी मिशन या NHM से देखें।

चरण 5: सिंचाई प्रणाली (टॉपिक 5)

  • टपक (Drip) और फर्टिगेशन: सबसे प्रचलित; पानी और खाद जड़ों तक, पत्तियाँ सूखी रहने से रोग कम। दाब-क्षतिपूर्ति वाले ड्रिपर बेहतर।
  • माइक्रो-स्प्रिंकलर और फॉगर: आर्द्रता और ठंडक बढ़ाने और पौध तैयार करने में।
  • उप-सतही सिंचाई (Ebb and flow) और ओवरहेड स्प्रिंकलर: पौध ट्रे के लिए।
  • जलकृषि (Hydroponics) और मृदा रहित माध्यम (कोकोपीट, रॉकवूल, NFT): हाई-टेक ग्रीनहाउस में।
  • जल की गुणवत्ता: EC, pH और बाइकार्बोनेट जाँचें; छन्नी (स्क्रीन, डिस्क, रेत) अनिवार्य।
  • ग्रीनहाउस के भीतर वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन बाहर की तुलना में लगभग 60 से 80% रहता है और यह विकिरण पर निर्भर होता है।
उदाहरण 4: 1000 m² में टमाटर के लगभग 3000 पौधे हैं और ग्रीनहाउस में ET = 4 मिमी/दिन।
कुल पानी = 4 × 1000 = 4000 लीटर/दिन; प्रति पौधा = 4000 ÷ 3000 = 1.33 लीटर/दिन
2 लीटर/घंटा के ड्रिपर से चलाने का समय = 1.33 ÷ 2 ≈ 0.67 घंटा (40 मिनट) रोज़।

चरण 6: प्राकृतिक हवादार सौर ग्रीनहाउस और हाई-टेक ग्रीनहाउस (टॉपिक 6)

प्रकारविशेषता और उपयोग
प्राकृतिक हवादार पॉलीहाउस (NVPH)बिना बिजली के छत और बगल के वेंट से हवा की निकासी; कम लागत; सब्जी, फूल, नर्सरी के लिए भारत में सबसे प्रचलित
सौर ग्रीनहाउस (निष्क्रिय)सूर्य की ओर (दक्षिण) की दीवार या ढलान पर पारदर्शी आवरण और उत्तर की दीवार ऊष्मारोधी (पत्थर, मिट्टी या ईंट की ताप-भंडारण दीवार); बिना ईंधन के रात में गर्मी बनाए रखता है; ठंडे और शुष्क क्षेत्रों (लद्दाख जैसे) में सब्जी उत्पादन के लिए
हाई-टेक ग्रीनहाउसकंप्यूटर नियंत्रित जलवायु (फैन-पैड, फॉगर, थर्मल स्क्रीन, CO2 और पूरक रोशनी), स्वचालित फर्टिगेशन और मृदा-रहित खेती। कट-फ्लावर (गुलाब, जरबेरा, कार्नेशन), टमाटर, खीरा और शिमला मिर्च; अधिक पूँजी और तकनीकी कौशल चाहिए

चरण 7: ग्रीनहाउस में सुखाई (टॉपिक 7)

सौर ग्रीनहाउस ड्रायर में पारदर्शी आवरण से धूप अंदर आती है, काला अवशोषक फर्श गर्मी पकड़ता है और वेंट या पंखे से नम हवा बाहर निकलती है। अंदर का तापमान बाहर से काफी अधिक (लगभग 45 से 65°C) रहता है, इसलिए खुले की तुलना में तेज़ और साफ सुखाई होती है। मिर्च, मेथी, अंगूर, आँवला और औषधीय पौधों के लिए उपयोगी। प्रैक्टिकल में ग्रीनहाउस के भीतर और बाहर सुखाने की दर की तुलना की जाती है।

चरण 8: लो-टनल और शेडनेट हाउस (टॉपिक 8, 2 लेक्चर)

लो-टनल (Low tunnel): फसल की पंक्तियों के ऊपर लगभग 0.5 से 1 मी ऊँची मेहराबदार, अस्थायी प्लास्टिक की सुरंग।
निर्माण: GI तार या बाँस के आधे गोले (Hoops, लगभग 1.5 से 2 मी के अंतर पर) गाड़कर उन पर साफ पारदर्शी पतली फिल्म (लगभग 25 से 50 माइक्रॉन) डालना और किनारों पर मिट्टी से दबाना। दिन में किनारे या सिरे खोलकर हवा देना या छिद्रयुक्त फिल्म लेना।
लाभ: पाला और ठंड से बचाव, जल्दी अंकुरण और अगेती उपज (टमाटर, शिमला मिर्च, कद्दूवर्गीय फसलें), बिना ज़्यादा लागत। राजस्थान, पंजाब और गुजरात में सर्दियों में खरबूज़ा, तरबूज़ और खीरे की अगेती खेती में लोकप्रिय। सीमा: हाथ से हवा देना और तापमान बढ़ने पर समय पर हटाना जरूरी।
शेडनेट हाउसविवरण
क्या हैछाया जाल (शेड नेट) से ढकी संरचना जो धूप कम करके तापमान 3 से 5°C घटाती है और धूप की तीव्रता सँभालती है
छाया का प्रतिशत और रंग35%, 50%, 75%; काला, हरा, सफेद और एल्यूमीनियम-परतयुक्त (परावर्तक)
उपयोगपौध (नर्सरी), ग्रीष्मकालीन सब्जी, फूल और पत्तेदार फसलें, औषधीय पौधे; कीट-रोधी नेट हाउस में सब्जी की सुरक्षित खेती
सीमाएँवर्षा और पाले से सीधा बचाव नहीं; आर्द्रता नियंत्रण कम

अन्य संरक्षित तकनीकें: मल्चिंग, रेन-शेल्टर और वॉक-इन टनल।

ब्रीफ़ B: 10 टन/दिन की अनाज प्रसंस्करण इकाई (टॉपिक 9 से 13)

ब्रीफ़: एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) कोटा के पास गेहूँ, सरसों और चने की खरीद कर रोज़ 10 टन की साफ-सुथरी और ग्रेडिंग वाली इकाई लगाना चाहता है। अनाज को पहले परखें, फिर साफ करें, सुखाएँ और अंत में बोरी या गोदाम तक ले जाएँ।

चरण 9: अनाज के अभियांत्रिकी गुण (टॉपिक 9)

प्रसंस्करण मशीन का डिज़ाइन और चुनाव अनाज के गुणों पर टिका है:

वर्गगुणउपयोग
भौतिकआकार (लंबाई, चौड़ाई, मोटाई), आकृति (गोलाई, Sphericity)छलनी और ग्रेडर का चयन
1000 दानों का भारबीज दर और गुणवत्ता
संहत घनत्व (Bulk density) और वास्तविक घनत्व (True density), रंध्रता (Porosity)भंडार, साइलो और ढुलाई का आयतन; वायु प्रवाह प्रतिरोध
विश्राम कोण (Angle of repose)हॉपर, ढेर और चूट का कोण
घर्षण गुणांकढलान, चूट और बेल्ट कन्वेयर का कोण
ऊष्मीयविशिष्ट ऊष्मा, ऊष्मा चालकता, ऊष्मीय विसरणशीलतासुखाई और भंडारण की ऊर्जा गणना
वायुगतिकीय (Aerodynamic)अंतिम वेग (Terminal velocity), खिंचाव गुणांकओसाई, हवा से सफाई और वायवीय ढुलाई
जलगतिकीय (Hydrodynamic)उत्प्लावकता, तैरना या डूबना, पानी में बैठने का वेगपानी या नमक के घोल में खोखले और अच्छे दाने अलग करना; गुरुत्वाकर्षण पृथक्करण

गेहूँ के लिए सामान्य मान लगभग: संहत घनत्व 750 से 800 किग्रा/m³, वास्तविक घनत्व 1300 से 1400 किग्रा/m³। गेहूँ का अंतिम वेग लगभग 8 से 10 m/s और भूसे या हल्की अशुद्धि का इससे कम होता है, इसलिए हवा से अलग हो जाती है। मान किस्म और नमी से बदलते हैं।

उदाहरण 5:
रंध्रता = (1 − संहत घनत्व ÷ वास्तविक घनत्व) × 100 = (1 − 780 ÷ 1350) × 100 = 42.2%
गोलाई (Sphericity) = (L × W × T)1/3 ÷ L। गेहूँ का दाना L = 6.5, W = 3.2, T = 2.8 मिमी हो तो ज्यामितीय माध्य व्यास = (6.5 × 3.2 × 2.8)1/3 = 58.241/3 ≈ 3.88 मिमी; गोलाई = 3.88 ÷ 6.5 = 0.60
1000 दाने का भार: यदि 100 दानों का भार 4.2 ग्राम हो, तो 1000 दानों का = 42 ग्राम।

चरण 10: सफाई और ग्रेडिंग (टॉपिक 10)

सफाई (Cleaning): धूल, भूसा, पत्थर, खरपतवार के बीज और टूटे दाने हटाना। ग्रेडिंग: आकार, भार या गुण के आधार पर दानों को श्रेणियों में बाँटना, जिससे बेहतर दाम मिलते हैं।

आधारउपकरण
आकार (चौड़ाई, मोटाई)छलनी या स्क्रीन, कंपित (Vibratory) स्क्रीन क्लीनर और घूर्णी (Rotary) क्लीनर
भार या घनत्व और वायुगतिकीवायु-छलनी क्लीनर (Air screen cleaner), ओसाई पंखा, गुरुत्व मेज़ (Gravity table)
लंबाईइंडेंटेड डिस्क या सिलेंडर सेपरेटर (डिस्क सेपरेटर): छोटे दाने गड्ढों में उठ जाते हैं और लंबे दाने बाहर रह जाते हैं
आकृति और सतहसर्पिल (Spiral) सेपरेटर: गोल दाने तेज़ी से लुढ़ककर बाहर आते हैं और चपटे या अनियमित दाने सर्पिल के साथ ऊपर रह जाते हैं; मखमली रोल
अपकेंद्री बलअपकेंद्री (Centrifugal) सेपरेटर
रंग और चुंबकत्वइलेक्ट्रॉनिक कलर सॉर्टर, चुंबकीय सेपरेटर (लौह कण हटाना)

वायु-छलनी क्लीनर: हवा का झोंका हल्की अशुद्धियाँ उड़ाता है और ऊपर की छलनी बड़े कण रोकती तथा नीचे की छलनी छोटे कण और दाने को निकाल देती है। शुद्धता (%) = साफ दाने का भार ÷ कुल नमूने का भार × 100।

चरण 11: सुखाई और निर्जलीकरण (टॉपिक 11)

नमी की मात्रा

आर्द्र आधार (w.b.): Mw = (पानी का भार ÷ कुल भार) × 100
शुष्क आधार (d.b.): Md = (पानी का भार ÷ शुष्क पदार्थ का भार) × 100
परिवर्तन: Md = Mw ÷ (100 − Mw) × 100 और Mw = Md ÷ (100 + Md) × 100
उदाहरण 6: 20% w.b. = 20 ÷ 80 × 100 = 25% d.b. (शुष्क आधार का मान 100 से अधिक भी हो सकता है)।

नमी मापन

  • ओवन विधि (मानक): नमूने को निर्धारित तापमान और समय तक सुखाकर भार घटाव से नमी निकालना (अनाज के लिए प्रचलित मानक, जैसे लगभग 103°C पर लंबी अवधि या 130°C पर लगभग 2 घंटे; मानक के अनुसार)।
  • नमी मीटर: विद्युत प्रतिरोध या धारिता पर आधारित, तेज़ पर हर अनाज के लिए अंशांकन चाहिए।
  • अवरक्त नमी तुला, आसवन (Dean-Stark) जैसी अन्य विधियाँ।

संतुलन नमी (EMC) और सुखाई का सिद्धांत

EMC (Equilibrium Moisture Content) वह नमी है जिस पर अनाज आसपास की हवा से न नमी लेता है न देता है। यह हवा की आपेक्षिक आर्द्रता और तापमान पर निर्भर करती है; सोखने (Adsorption) और छोड़ने (Desorption) में अंतर (Hysteresis) रहता है। इसके मॉडल: हेंडरसन, चुंग-फ़ॉस्ट, ओसविन और GAB। गेहूँ के लिए लगभग 25°C और 65% आर्द्रता पर EMC लगभग 12 से 13% रहती है। भंडारण के लिए सुरक्षित नमी (लगभग): गेहूँ 12% तक, धान 13 से 14%, मक्का 12 से 13%, दलहन 9 से 10% और सरसों जैसे तिलहन लगभग 7 से 8%।

सुखाई की अवस्थाविवरण
स्थिर दर अवधिसतह पर मुक्त पानी का वाष्पीकरण; दर बाहर की हवा के तापमान, आर्द्रता और वेग पर निर्भर
क्रांतिक नमी बिंदुस्थिर से घटती दर अवधि में बदलाव का बिंदु
घटती दर अवधिदाने के अंदर से नमी के विसरण से नियंत्रित; सुखाई धीमी होती जाती है और अधिकांश समय यहीं लगता है
उदाहरण 7 (पतली परत सुखाई): नमी अनुपात MR = (M − Me) ÷ (Mi − Me), न्यूटन मॉडल: MR = e−kt
Mi = 0.25, Me = 0.10 और M = 0.15 (सभी d.b.) हो, तो MR = 0.05 ÷ 0.15 = 0.333। यदि k = 0.5 प्रति घंटा हो, तो t = −ln(0.333) ÷ 0.5 = 1.0986 ÷ 0.5 ≈ 2.2 घंटे।

सुखाई की विधियाँ

धूप में खुले में सुखाना, छाया में सुखाना, यांत्रिक (गरम हवा) सुखाई (बैच और सतत प्रवाह: क्रॉस-फ्लो, समानांतर-फ्लो, काउंटर-फ्लो, मिश्रित-फ्लो), सौर ड्रायर, और विशेष: फ्रीज़ ड्राइंग, निर्वात, अवरक्त और माइक्रोवेव। निर्जलीकरण (Dehydration) में फल, सब्जी (प्याज़, लहसुन) जैसे उत्पादों से नियंत्रित परिस्थिति में नमी इतनी हटाई जाती है कि वे लंबे समय तक सुरक्षित रहें।

चरण 12: व्यावसायिक अनाज ड्रायर (टॉपिक 12, 2 लेक्चर)

ड्रायरकार्यप्रणाली और उपयोग
बिन ड्रायर (Bin dryer)गहरी परत वाले बिन में छिद्रित फर्श से गरम या सामान्य हवा ऊपर की ओर; बैच प्रकार और भंडारण के साथ; गेहूँ, धान, मक्का। सरल, पर ऊपर और नीचे की परतों में नमी का अंतर रह सकता है
ट्रे ड्रायर (Tray dryer)कैबिनेट में रखी ट्रे पर पतली परत में गरम हवा; छोटे बैच; फल, सब्जी, मसाले और नमूनों के लिए
द्रवीकृत शय्या ड्रायर (Fluidized bed)गरम हवा इतनी तेज़ गति से ऊपर की ओर कि दाने तैरते हुए तरल की तरह व्यवहार करें; ऊष्मा और द्रव्यमान स्थानांतरण बहुत तेज़; एकसमान दाने (धान, मटर) के लिए; अधिक ऊर्जा और पंखे की शक्ति
पुनः परिसंचरण ड्रायर (Re-circulatory)दाने स्तंभ में गिरते हैं, गरम हवा से सूखते हैं और एलिवेटर से बार-बार ऊपर पहुँचाए जाते हैं; बीच में ठहराव (Tempering) से नमी बराबर होती है; धान के लिए लोकप्रिय
सौर ड्रायरसौर ऊर्जा से (प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या मिश्र प्रकार); कम खर्च; अनाज, मसाले और फल के लिए
उदाहरण 8 (ड्रायर का आकार और ईंधन): 10 टन धान को 22% से 14% (w.b.) तक सुखाना है।
Wf = Wi × (100 − Mi) ÷ (100 − Mf) = 10,000 × 78 ÷ 86 = 9069.8 किग्रा
निकालना पड़ेगा पानी = 10,000 − 9069.8 = 930.2 किग्रा
वाष्पन की ऊष्मा लगभग 3.0 MJ/किग्रा (अनाज से, गुप्त ऊष्मा सहित) लें: ऊर्जा = 930.2 × 3.0 = 2791 MJ
ड्रायर की ऊष्मीय दक्षता 50% हो तो ईंधन ऊर्जा = 5581 MJ; धान की भूसी का ऊष्मीय मान लगभग 13 MJ/किग्रा हो तो भूसी = 5581 ÷ 13 ≈ 429 किग्रा।

चरण 13: सामग्री ढुलाई के उपकरण, कन्वेयर और एलिवेटर (टॉपिक 13, 2 लेक्चर)

उपकरणसिद्धांत और कार्यउपयुक्त जगह
बेल्ट कन्वेयरघूमती हुई चपटी या खाँचेदार (Troughed) बेल्ट; घर्षण से सामग्री ढोती है; झुकाव सामग्री के विश्राम कोण और घर्षण से सीमित (अनाज के लिए लगभग 15 से 20° तक)लंबी दूरी, अनाज और बोरी, सौम्य ढुलाई
पेच कन्वेयर (Screw / Auger)घूमता सर्पिल पेच सामग्री को पाइप या कुंड में धकेलता है; ढका हुआ होने से धूल कम; ऊर्ध्वाधर या ढलान पर भी चलता है, पर दाने टूटने का खतरा और घिसाईछोटी दूरी, हॉपर से भराव, चूर्ण और अनाज
बकेट एलिवेटरऊर्ध्वाधर उठाव के लिए बेल्ट या चेन पर लगी बाल्टियाँ; निकासी: अपकेंद्री (तेज़, बहने वाले अनाज के लिए), सतत या गुरुत्व (चिपचिपे और नाज़ुक पदार्थ के लिए) और सकारात्मक; भाग: हेड, बूट, केसिंगसाइलो, ड्रायर और मिल में ऊँचाई पर पहुँचाना
अन्यवायवीय कन्वेयर (हवा के दाब या निर्वात से), चेन या ड्रैग कन्वेयर, रोलर कन्वेयर, गुरुत्व चूटविशेष जरूरतें

चुनाव के आधार: सामग्री के गुण (घनत्व, नमी, चिपचिपापन, टूटना), आवश्यक क्षमता, क्षैतिज दूरी और ऊँचाई, खाद्य-श्रेणी की साफ-सफाई, ऊर्जा और रखरखाव, तथा लागत और स्थान।

उदाहरण 9 (क्षमता): गेहूँ का संहत घनत्व 780 किग्रा/m³ लें।
(क) पेच कन्वेयर: बाहरी व्यास 0.20 मी, शाफ्ट व्यास 0.04 मी, पिच 0.20 मी, 60 आर.पी.एम. और भराव गुणांक 0.4।
वलयाकार क्षेत्र = (π ÷ 4)(0.2² − 0.04²) = 0.0302 m²; प्रति चक्कर आयतन = 0.0302 × 0.20 = 0.00603 m³
क्षमता = 0.00603 × 60 × 60 × 0.4 = 8.69 m³/घंटा = 8.69 × 780 = 6775 किग्रा/घंटा ≈ 6.8 टन/घंटा
(ख) बेल्ट कन्वेयर: भार का अनुप्रस्थ काट 0.012 m² और बेल्ट गति 1.5 मी/से. हो, तो Q = 0.012 × 1.5 × 780 = 14.04 किग्रा/से. = 50.5 टन/घंटा।
(ग) बकेट एलिवेटर: बाल्टी का आयतन 1 लीटर, भराव 75%, बाल्टियों के बीच 0.25 मी और बेल्ट गति 1.2 मी/से. हो, तो बाल्टियाँ प्रति सेकंड = 1.2 ÷ 0.25 = 4.8; Q = 4.8 × 0.00075 × 780 = 2.81 किग्रा/से. = 10.1 टन/घंटा।

प्रैक्टिकल की झलक (1 क्रेडिट)

  • ग्रीनहाउस: आकार के आधार पर अलग-अलग ग्रीनहाउस का अध्ययन; अंदर और बाहर सौर विकिरण, CO2, आर्द्रता और तापमान का मापन; ग्रीनहाउस उपकरणों का अध्ययन और उसमें कृषि उत्पादों की सुखाई की दर निकालना।
  • कटाई-पश्चात प्रयोगशाला भ्रमण; ओवन विधि और नमी मीटर से अनाजों की नमी का निर्धारण।
  • सेपरेटर: सर्पिल, अपकेंद्री और डिस्क सेपरेटर का अध्ययन।
  • बीज प्रसंस्करण संयंत्र और कृषि प्रसंस्करण संयंत्र का क्षेत्र भ्रमण। सामान्य क्रम: आगमन और तौल → पूर्व-सफाई → सुखाई → वायु-छलनी सफाई → ग्रेडिंग → गुरुत्व पृथक्करण → उपचार → पैकिंग → भंडारण।
भ्रमण के लिए जाँच-सूची:
☐ मशीनों का क्रम और प्रवाह चार्ट बनाएँ ☐ हर मशीन की क्षमता (टन/घंटा) और शक्ति (kW) पूछें
☐ सफाई के बाद शुद्धता और कचरे का प्रतिशत पूछें ☐ सुखाई से पहले-बाद की नमी नोट करें
☐ भंडारण की व्यवस्था और कीट नियंत्रण देखें ☐ सुरक्षा उपाय (धूल, घूमते भाग) पर ध्यान दें

खुद जाँचिए (उत्तर देखने के लिए क्लिक करें)

1. फैन-पैड शीतलन राजस्थान में विशेष रूप से प्रभावी क्यों है?शुष्क हवा में आर्द्र बल्ब और बाहरी तापमान का अंतर अधिक होता है, इसलिए वाष्पीकरण से बहुत ठंडक मिलती है।
2. लो-टनल का मुख्य उद्देश्य क्या है?ठंड और पाले से बचाव और अगेती खेती, कम खर्च में।
3. EMC क्या है?वह नमी जिस पर अनाज हवा से नमी न लेता है न छोड़ता है; यह हवा की आर्द्रता और तापमान पर निर्भर है।
4. 20% w.b. नमी को d.b. में बदलें।20 ÷ (100 − 20) × 100 = 25% d.b.।
5. ओसाई किस गुण पर आधारित है?वायुगतिकीय गुण, यानी अंतिम वेग का अंतर।
6. पुनः परिसंचरण ड्रायर में ठहराव (Tempering) क्यों होता है?ताकि दाने के भीतर की नमी सतह पर आकर बराबर हो जाए और सुखाई एकसमान रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: AENGG-321 कितने क्रेडिट का है?
उत्तर: 2 क्रेडिट (1+1), जिसमें 13 थ्योरी टॉपिक और कुल 16 लेक्चर हैं।

प्रश्न: शेडनेट हाउस और पॉलीहाउस में क्या अंतर है?
उत्तर: शेडनेट हाउस धूप कम करके ठंडक देता है, जबकि पॉलीहाउस प्लास्टिक के आवरण से वर्षा और ठंड से भी बचाता है और अंदर का वातावरण अधिक नियंत्रित होता है।

प्रश्न: राजस्थान के लिए कौन सा ग्रीनहाउस सबसे उपयुक्त है?
उत्तर: कम लागत के लिए प्राकृतिक हवादार पॉलीहाउस या शेडनेट हाउस, और बेहतर नियंत्रण के लिए गर्मी में फैन-पैड; सर्दी में पाले से बचाव के लिए लो-टनल भी उपयोगी।

प्रश्न: अनाज की सफाई और ग्रेडिंग में क्या अंतर है?
उत्तर: सफाई में अशुद्धियाँ हटाई जाती हैं और ग्रेडिंग में साफ दानों को आकार या भार के आधार पर श्रेणियों में बाँटा जाता है।

प्रश्न: द्वितीयक कृषि का क्या अर्थ है?
उत्तर: कृषि उपज की कटाई के बाद की प्रसंस्करण, सुखाई, भंडारण, ग्रेडिंग और मूल्य संवर्धन से जुड़ी गतिविधियाँ।

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संदर्भ पुस्तकें

जी.एन. तिवारी, Greenhouse Technology for Controlled Environment, Narosa; चक्रवर्ती एवं सिंह, Postharvest Technology and Food Process Engineering, CRC Press; सहाय एवं सिंह, Unit Operations of Agricultural Processing, Vikas Publishing; मोहसेनिन, Physical Properties of Plant and Animal Materials; ब्रुकर, बेकर-अर्केमा एवं हॉल, Drying and Storage of Grains and Oilseeds; NHM या राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के संरक्षित खेती के प्रकाशन।

लेखक की टिप्पणी: इस लेख के सभी संख्यात्मक उदाहरण और परिस्थितियाँ अभ्यास के लिए काल्पनिक हैं। ग्रीनहाउस की लागत और अनुदान के मानक, अनाज के भौतिक गुणों के मान, सुरक्षित नमी की सीमाएँ और ओवन विधि के मानक तापमान स्रोत और किस्म के अनुसार बदलते हैं, इसलिए अपने पाठ्यक्रम की पुस्तक और नवीनतम सरकारी स्रोत से मिलान करके ही उपयोग करें।

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