राजस्थान दिव्यांग प्रमाण पत्र (UDID Card) ऑनलाइन कैसे बनाएं? स्वावलंबन पोर्टल आवेदन, दस्तावेज और लाभ 2026

राजस्थान दिव्यांग प्रमाण पत्र (UDID Card) के लिए स्वावलंबन पोर्टल (swavlambancard.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? जानिए 21 प्रकार की दिव्यांगता, मे

राजस्थान दिव्यांग प्रमाण पत्र (UDID Card) कैसे बनाएं: पात्रता, मेडिकल बोर्ड जांच और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

विशेष योग्यजन (दिव्यांग) व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं, नौकरियों में आरक्षण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, निःशुल्क रोडवेज बस यात्रा और कृत्रिम अंग/उपकरण सहायता प्राप्त करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज दिव्यांग प्रमाण पत्र (Disability Certificate / UDID Card) होता है।

पहले अलग-अलग राज्यों और अस्पतालों द्वारा मैन्युअल (कागजी) प्रमाण पत्र जारी किए जाते थे, जिन्हें दूसरे जिलों या राज्यों में मान्यता नहीं मिलती थी। इस समस्या को समाप्त करने के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने UDID (Unique Disability Identity Card) परियोजना लागू की है।

अब राजस्थान के सभी दिव्यांग नागरिकों का एक डिजिटल स्वावलंबन कार्ड (UDID Card) बनाया जाता है, जिसमें क्यूआर कोड और यूनिक 18 अंकों का नंबर होता है। यह कार्ड पूरे देश में एक समान रूप से मान्य है।

इस विस्तृत लेख में हम समझेंगे कि UDID कार्ड कौन बनवा सकता है, कौन-से दस्तावेज चाहिए, मेडिकल बोर्ड की जांच कैसे होती है और ई-मित्र या स्वावलंबन पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कैसे किया जाता है।

1. UDID कार्ड के लिए दिव्यांगता की श्रेणियां (21 Types of Disabilities)

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act, 2016) के तहत कुल 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को मान्यता दी गई है:

  1. अस्थि दिव्यांगता (Locomotor Disability): पोलियो, रीढ़ की हड्डी या हाथ-पैर की विकृति/पक्षाघात।

  2. दृष्टिहीनता (Blindness) एवं कम दृष्टि (Low Vision)।

  3. मूक-बधिर (Deaf and Hard of Hearing): सुनने या बोलने में असमर्थता।

  4. बौनापन (Dwarfism): वयस्क होने पर भी शारीरिक ऊंचाई 4 फीट 10 इंच या उससे कम होना।

  5. मानसिक मंदता / बौद्धिक दिव्यांगता (Intellectual Disability)।

  6. मानसिक बीमारी (Mental Illness)।

  7. ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder)।

  8. सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy)।

  9. मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Muscular Dystrophy)।

  10. क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल स्थितियां (जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसन रोग)।

  11. विशिष्ट सीखने की दिव्यांगता (Specific Learning Disabilities / Dyslexia)।

  12. भाषण और भाषा दिव्यांगता (Speech and Language Disability)।

  13. थैलेसीमिया (Thalassemia), हीमोफिलिया (Hemophilia) एवं सिकल सेल रोग।

  14. एसिड अटैक पीड़ित (Acid Attack Victims)।

न्यूनतम पात्रता: सरकारी योजनाओं का वित्तीय लाभ (जैसे पेंशन या आरक्षण) पाने के लिए मेडिकल बोर्ड द्वारा न्यूनतम 40% दिव्यांगता प्रमाणित होना अनिवार्य है।

2. जरूरी दस्तावेज (Required Documents Checklist)

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी तैयार रखें:

  • जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card): राजस्थान के निवासियों के लिए जन आधार e-KYC पूरी होना आवश्यक है।

  • आधार कार्ड (Aadhaar Card): पहचान और पते के सत्यापन हेतु।

  • पासपोर्ट साइज फोटो: हाल ही में खींची गई रंगीन फोटो (सफेद बैकग्राउंड में)।

  • दिव्यांगता की स्थिति दर्शाती हुई फोटो: यदि शारीरिक रूप से अंग प्रभावित है, तो उस अंग की स्पष्ट फोटो।

  • हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान: सादे सफेद कागज पर।

  • पुराना मेडिकल प्रमाण पत्र (यदि पहले से बना हो): यदि किसी सरकारी अस्पताल से पुराना ऑफलाइन प्रमाण पत्र बना है, तो उसकी प्रति।

  • निवास प्रमाण पत्र: जन आधार, मूल निवास, वोटर आईडी या बिजली का बिल।

3. स्वावलंबन पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन का पूरा प्रोसेस (Step-by-Step Guide)

नागरिक स्वयं swavlambancard.gov.in पोर्टल से या नजदीकी ई-मित्र कियोस्क पर जाकर आवेदन कर सकते हैं:

स्टेप 1: पोर्टल खोलें

ब्राउज़र में swavlambancard.gov.in (स्वावलंबन पोर्टल) पर जाएं और "Apply for Disability Certificate & UDID Card" विकल्प पर क्लिक करें। (ई-मित्र संचालक SSO आईडी से 'Special Abled Persons Portal' चुन सकते हैं)।

स्टेप 2: व्यक्तिगत विवरण भरें (Personal Details)

  • आवेदक का पूरा नाम (अंग्रेजी और हिंदी में)।

  • पिता और माता का नाम, जन्मतिथि और लिंग।

  • चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी।

  • श्रेणी (SC / ST / OBC / General) का चयन करें।

स्टेप 3: पता और पहचान पत्र दर्ज करें

  • स्थायी और वर्तमान पता भरें।

  • पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड का चयन करें और आधार नंबर दर्ज करें।

स्टेप 4: दिव्यांगता विवरण (Disability Details)

  • 21 श्रेणियों में से संबंधित दिव्यांगता के प्रकार का चयन करें।

  • दिव्यांगता जन्म से है या बाद में किसी बीमारी/दुर्घटना के कारण हुई, उसका विवरण दें।

  • संबंधित जिला अस्पताल (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय - CMHO/District Hospital) का चयन करें जहां मेडिकल जांच करवानी है।

स्टेप 5: दस्तावेज व फोटो अपलोड करें

  • आवेदक की पासपोर्ट फोटो (JPG, 100 KB से कम)।

  • हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान।

  • पता और पहचान प्रमाण (आधार/जन आधार) की PDF कॉपी।

स्टेप 6: फाइनल सबमिट और पावती रसीद

फॉर्म की जांच के बाद सबमिट करें। सबमिट होते ही एक UDID Application Number (एनरोलमेंट नंबर) प्राप्त होगा। इस रसीद का प्रिंट अवश्य निकाल लें।

4. जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच और सत्यापन (Medical Assessment)

फॉर्म ऑनलाइन सबमिट होने के बाद मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया इस प्रकार होती है:

  1. तारीख और एसएमएस: आवेदन सबमिट होने के बाद पोर्टल द्वारा या एसएमएस के जरिए जिला अस्पताल में मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने की तारीख (Appointment Date) दी जाती है।

  2. अस्पताल में उपस्थिति: निर्धारित तारीख को आवेदक को अपने मूल दस्तावेजों, फोटो और आवेदन की रसीद के साथ जिला अस्पताल के मेडिकल बोर्ड रूम में जाना होता है।

  3. विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परीक्षण: अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर (जैसे ऑर्थोपेडिक सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ या मनोचिकित्सक) दिव्यांगता की स्थिति की जांच करते हैं।

  4. प्रतिशत निर्धारण: बोर्ड द्वारा दिव्यांगता का सटीक प्रतिशत (उदा. 45%, 60%, 80%) तय करके रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दी जाती है।

  5. डिजिटल साइन: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर करते ही ई-यूडीआईडी कार्ड ऑनलाइन जनरेट हो जाता है।

5. UDID कार्ड धारकों को मिलने वाले मुख्य लाभ

  • सामाजिक सुरक्षा दिव्यांग पेंशन: 40% से अधिक दिव्यांगता होने पर राजस्थान सरकार द्वारा प्रतिमाह ₹1,150 से ₹1,500 तक की पेंशन।

  • निःशुल्क राजस्थान रोडवेज यात्रा: राज्य सरकार की बसों में दिव्यांग व्यक्ति और उसके एक सहायक (Attendant) को निःशुल्क या रियायती यात्रा पास।

  • कृत्रिम अंग व उपकरण: ट्राई-साइकिल, व्हीलचेयर, कान की मशीन, बैसाखी और चश्मे निःशुल्क प्राप्त होना।

  • सरकारी भर्तियों में 4% आरक्षण: राज्य और केंद्र सरकार की नौकरियों में विशेष आरक्षण।

  • पालनहार योजना: 100% दिव्यांग माता-पिता के बच्चों को पालनहार योजना के तहत मासिक आर्थिक सहायता।

6. ई-यूडीआईडी कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कैसे करें?

  1. स्वावलंबन पोर्टल (swavlambancard.gov.in) पर जाएं।

  2. "Download your e-Disability Card & UDID" पर क्लिक करें।

  3. अपना एनरोलमेंट नंबर या UDID नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।

  4. कैप्चा कोड भरकर लॉगिन करें।

  5. स्क्रीन पर आपका रंगीन डिजिटल UDID कार्ड खुल जाएगा। इसे लेमिनेट कराकर सुरक्षित रख लें। साथ ही मूल प्लास्टिक स्मार्ट कार्ड डाक विभाग द्वारा सीधे आपके घर के पते पर भेज दिया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या अस्थायी (Temporary) दिव्यांगता के लिए भी UDID कार्ड बनता है?

उत्तर: हाँ, यदि बीमारी या चोट ऐसी है जिसमें समय के साथ सुधार की संभावना है, तो मेडिकल बोर्ड 1 से 5 वर्षों के लिए 'Temporary UDID Card' जारी करता है। अवधि पूरी होने पर दोबारा मेडिकल जांच करवाकर इसे रिन्यू कराना होता है। स्थायी दिव्यांगता में लाइफटाइम (Permanent) कार्ड जारी होता है।

प्रश्न 2: पुराना ऑफलाइन दिव्यांग प्रमाण पत्र होने पर क्या दोबारा जांच करवानी होगी?

उत्तर: अधिकांश मामलों में यदि आपके पास पहले से जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी वैध ऑफलाइन प्रमाण पत्र है, तो पोर्टल पर 'Already have Disability Certificate' का विकल्प चुनकर उसे अपलोड करने पर बिना दोबारा अस्पताल गए सीधे नया डिजिटल UDID कार्ड जारी कर दिया जाता है।

प्रश्न 3: UDID कार्ड खो जाने पर क्या करें?

उत्तर: यदि प्लास्टिक कार्ड खो जाता है, तो आप अपने एनरोलमेंट नंबर से पोर्टल पर कभी भी नया ई-कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं या 'Lost UDID Card' विकल्प से डुप्लीकेट कार्ड के लिए पुनः ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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