राजस्थान छात्रवृत्ति e-KYC और बायोमेट्रिक उपस्थिति: छात्रवृत्ति रुकने के कारण और समाधान
राजस्थान के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थी हर साल उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते हैं। कई बार महीनों बीत जाने के बाद भी छात्रवृत्ति बैंक खाते में नहीं आती या पोर्टल पर "Pending at Institute Level", "Objected / Send Back" अथवा "Biometric Attendance Not Found" लिखा दिखाई देता है।
वर्तमान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJED) ने छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली को पारदर्शी और फर्जीवाड़े से मुक्त बनाने के लिए जन आधार e-KYC, बैंक NPCI मैपिंग और मासिक बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। यदि इनमें से किसी एक भी चरण में चूक हो जाए, तो छात्रवृत्ति की फाइल आगे नहीं बढ़ती।
इस विस्तृत लेख में हम समझेंगे कि छात्रवृत्ति पोर्टल पर e-KYC कैसे की जाती है, कॉलेज में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के क्या नियम हैं, ऑब्जेक्शन लगने पर क्या करें और घर बैठे छात्रवृत्ति का लाइव स्टेटस कैसे चेक करें।
1. छात्रवृत्ति e-KYC क्या है और इसे कैसे पूरा करें?
छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन शुरू करने से पहले विद्यार्थी की Family e-KYC और व्यक्तिगत e-KYC पूरी होना अनिवार्य है:
जन आधार डेटा का मिलान: आपकी 10वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड और जन आधार कार्ड तीनों में आपका नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और जेंडर एक समान होना चाहिए।
e-KYC का तरीका:
जन आधार पोर्टल या एसएसओ आईडी में Citizen Family e-KYC विकल्प खोलें।
अपने आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP या फिंगरप्रिंट से प्रमाणीकरण पूरा करें।
e-KYC होते ही जन आधार में विद्यार्थी का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सत्यापित हो जाता है।
2. कॉलेज बायोमेट्रिक उपस्थिति का अनिवार्य नियम (Biometric Attendance)
विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल ऑनलाइन फॉर्म भरने से छात्रवृत्ति स्वीकृत नहीं होती:
नियम: छात्रवृत्ति आवेदक को अपने कॉलेज/संस्थान में लगे बायोमेट्रिक उपकरण (Iris Scanner या Fingerprint Device) पर प्रति माह कम से कम एक बार अपनी उपस्थिति दर्ज करानी अनिवार्य है।
समय-सीमा: यदि कोई छात्र लगातार अनुपस्थित रहता है और उसकी बायोमेट्रिक उपस्थिति पोर्टल पर अपडेट नहीं होती, तो उसका आवेदन स्वतः होल्ड (Pending) पर चला जाता है।
संस्थान की जिम्मेदारी: कॉलेज के नोडल अधिकारी द्वारा छात्र की न्यूनतम 75% भौतिक उपस्थिति सत्यापित करने के बाद ही फॉर्म को जिला कार्यालय (DLASO) को फॉरवर्ड किया जाता है।
3. छात्रवृत्ति फॉर्म में लगने वाले मुख्य ऑब्जेक्शन (Objections) और उनके समाधान
अक्सर छात्रों के फॉर्म पर विभाग द्वारा ऑब्जेक्शन (Send Back) लगा दिया जाता है। प्रमुख आपत्तियां और उनका निवारण इस प्रकार है:
अमान्य / कच्ची फीस रसीद (Invalid Fee Receipt):
कारण: हाथ से लिखी कच्ची पर्ची या बिना क्रमांक वाली रसीद अपलोड करना।
समाधान: कॉलेज से आधिकारिक मुहर, रसीद क्रमांक और हेड-वाइज विवरण (ट्यूशन फीस, एडमिशन फीस) वाली पक्की रसीद लेकर दोबारा रंगीन स्कैन करके अपलोड करें।
आय प्रमाण पत्र गलत प्रारूप में होना:
कारण: पुराना प्रोफार्मा लगाना या नोटरी/गवाहों के हस्ताक्षर छूटना।
समाधान: विभाग द्वारा जारी वर्तमान 1 पेज या 4 पेज का प्रोफार्मा पिता/माता के नाम से भरें, दो राजपत्रित अधिकारियों से सत्यापित करवाएं और अपलोड करें।
गत वर्ष की इंटरनेट मार्कशीट:
कारण: विश्वविद्यालय द्वारा जारी मूल मार्कशीट की जगह नेट कॉपी लगाना।
समाधान: मूल अंकतालिका लगाएं या नेट कॉपी पर कॉलेज प्राचार्य (Principal) के हस्ताक्षर व मुहर लगवाकर अपलोड करें।
NPCI बैंक खाता त्रुटि (Aadhaar Not Seeded):
कारण: जन आधार में दर्ज बैंक खाता आधार से डीबीटी के लिए मैप न होना।
समाधान: बैंक जाकर NPCI आधार सीडिंग करवाएं और जन आधार में वही सक्रिय खाता अपडेट करें।
4. ऑब्जेक्शन (Send Back) क्लियर करने का ऑनलाइन प्रोसेस
यदि आपके फॉर्म पर कोई आपत्ति आई है, तो इसे 30 दिनों के भीतर इस तरह ठीक करें:
स्टेप 1: एसएसओ पोर्टल लॉगिन
sso.rajasthan.gov.in पर लॉगिन करें और Scholarship (SJED) ऐप पर क्लिक करें।
स्टेप 2: आवेदन की स्थिति देखें
डैशबोर्ड पर अपने छात्रवृत्ति आवेदन के आगे लाल रंग में "Objected" या "Send Back to Student" दिखेगा। उस पर क्लिक करके अधिकारी द्वारा लिखी गई टिप्पणी (Remark) को ध्यान से पढ़ें।
स्टेप 3: कमी पूरी करें और नया दस्तावेज अपलोड करें
जिस दस्तावेज में कमी बताई गई है (जैसे नई फीस रसीद या सही आय प्रमाण पत्र), उसकी साफ PDF फाइल (100 KB से 200 KB) चुनें।
स्टेप 4: स्पष्टीकरण लिखें और सबमिट करें
नीचे रिमार्क बॉक्स में संक्षेप में लिखें (जैसे: "Revised Original Fee Receipt Uploaded"), चेकबॉक्स पर टिक करें और Submit पर क्लिक करें। फॉर्म दोबारा जांच के लिए कॉलेज/विभाग के पास चला जाएगा।
5. छात्रवृत्ति का लाइव स्टेटस कैसे ट्रैक करें?
राजस्थान छात्रवृत्ति पोर्टल (
hte.rajasthan.gov.inयाsso.rajasthan.gov.in) पर जाएं।Track Application Status पर क्लिक करें।
अपना जन आधार नंबर या छात्रवृत्ति आवेदन संख्या दर्ज करें।
स्क्रीन पर फॉर्म का पूरा सफर दिखाई देगा:
Submitted by Student
Verified by Institute
Approved by DLASO
Bill Generated
Payment Successful (UTR Number सहित)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या छात्रवृत्ति का पैसा सीधे कॉलेज के खाते में जाता है या छात्र के खाते में?
उत्तर: छात्र की फीस वापसी और भरण-पोषण भत्ते की पूरी राशि सीधे छात्र के स्वयं के जन आधार लिंक बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के जरिए जमा होती है।
प्रश्न 2: ऑब्जेक्शन क्लियर करने के लिए कितने दिन का समय मिलता है?
उत्तर: विभाग द्वारा आपत्ति दर्ज किए जाने की तारीख से अधिकतम 30 दिनों के भीतर दस्तावेज पुनः अपलोड करना होता है। समय सीमा बीत जाने पर आवेदन स्थायी रूप से निरस्त हो सकता है।
प्रश्न 3: छात्रवृत्ति बिल जनरेट होने के बाद पैसे खाते में आने में कितना समय लगता है?
उत्तर: बिल जनरेट होने के बाद राज्य सरकार के वित्त विभाग से ट्रेजरी बजट पास होते ही 7 से 15 दिनों के भीतर राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।